हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
मेरे नयनो के तारे हैं
सारे जग के रखवारे हैं
मेरे तो प्राण अधारे हैं
सब भगतन के रखवारे हैं
जो लाखो पापीओं को तारे हैं
जो अघमन को उधारे हैं
हम इनके सदा सहारे हैं
हम उनकी शरण पधारे हैं
गणिका और गीध उधारे हैं
हम खड़े उन्ही के द्वारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
मेरे नयनो के तारे हैं
सारे जग के रखवारे हैं
मेरे तो प्राण अधारे हैं
सब भगतन के रखवारे हैं
जो लाखो पापीओं को तारे हैं
जो अघमन को उधारे हैं
हम इनके सदा सहारे हैं
हम उनकी शरण पधारे हैं
गणिका और गीध उधारे हैं
हम खड़े उन्ही के द्वारे हैं